मार्केट कैप क्या है?

 

दोस्तो अगर आप शेयर बाजार में नए है, तो कई बार बाजार पूंजीकरण (market capitalization) का नाम सुना होगा, जिसे मार्केट कैप भी कहते हैं. आमतौर पर दोस्तों जब कोई निवेशक शेयर बाजार में निवेश करना चाहता है, तो उसे निवेश करने से पहले कई तरहा के डेटा का विश्लेषण करना पड़ाता है, उनमे से एक मार्केट कैप भी है.

तो दोस्तो आज हम इस लेख में जानने की कोसिस करेंगे कि मार्केट कैपिटलाइजेशन क्या होता है, तथा इसकी गणना कैसे की जाती है.

Contents

मार्केट कैप क्या होता है?

मार्केट कैप की गणना कैसे होती है?

टॉप 10 भारत की हाई मार्केट कैप कम्पनियाँ

मार्केट कैप कितने तरह के होते है?

1 Small Cap

2 Mid Cap

3 Large Cap

मार्केट कैपिटलाइजेशन क्यों महत्वपूर्ण है?

मार्केट कैप क्या होता है?

आमतौर पर मार्केट कैप किसी भी कंपनी की मार्केट वैल्यू को दर्शाता है, जिसे पता करने के लिए उस कंपनी द्वारा जारी किए गए बकाया शेयर (Outstanding share) की कुल संख्या में उस कंपनी की प्रेजेंट मे चल रही शेयर की कीमत से गुणा करने पर उस कंपनी का मार्केट कैप निकला आता है. किसी भी निवेशक के लिए कंपनी का मार्केट कैप ज्ञात होना बहुत जरूरी है,

क्यू कि किसी भी कंपनी के मार्केट कैप से उस कंपनी के साइज का पता लगता है, जिससे निवेशक उस कंपनी के भविष्य में  होने वाले ग्रोथ की संभावना का अंदाजा लगा लेता है.

मार्केट कैप की गणना कैसे होती है?

किसी भी कंपनी का मार्केट कैप निकालने के लिए हम एक साधारण फार्मूले का इस्तेमाल करेंगे.

मार्केट कैपिटलाइजेशन = वर्तमान शेयर मूल्य * कंपनी द्वारा जारी कुल शेयर की संख्या

वर्तमान शेयर मूल्य(Current Share Price)

वर्तमान शेयर की कीमत का मतलब यह है कि,वर्तमान समय में किसी भी कंपनी की कीमत NSE या BSE में जो चल रही है, वह वर्तमान कीमत (current price) कहलाती है.

यह प्राइस फिक्स नही होती है, यह मार्केट के मूवमेंट के हिसाब से बदलती रहती है.

कंपनी द्वारा जारी कुल शेयर की संख्या

बकाया शेयर(outstanding share) उन शेयर को कहा जाता है, जो किसी भी कंपनी द्वारा जारी कुल शेयर की संख्या है, अर्थात किसी कंपनी द्वारा जारी कीये गए कुल शेयर चाहे वह प्रमोटर के पास हो, या किसी निवेशक के पास हो वह सभी शेयर बकाया शेयर (outstanding share) कहलाते हैं.

उदाहरण

यादि वर्तमान में ABC कंपनी के 1 शेयर की कीमत Rs.100 है और ABC कंपनी द्वारा जारी शेयर की संख्या 10,000 है तो ABC कंपनी का कुल मार्केट कैप = (100*10,000) =10,00000

अर्थात ABC कंपनी का मार्केट कैप Rs.10 लाख है.

टॉप 10 भारत की हाई मार्केट कैप कम्पनियाँ

(List updated: 08Oct.2021)

Sr.No.

Company Name

Market Cap
(Rs. cr)

1

Reliance

1,721,389.49

2

TCS

1,455,687.69

3

HDFC Bank

887,210.54

4

Infosys

734,074.73

5

HUL

620,362.58

6

HDFC

491,842.12

7

ICICI Bank

487,431.58

8

Bajaj Finance

466,940.59

9

Bharti Airtel

409,195.26

10

SBI

408,479.47

मार्केट कैप कितने तरह के होते है?

आमतौर पर मार्केट कैप 3 तरह के होते हैं


1 Small Cap

स्मॉल कैप कंपनी से तत्पर्य उन कंपनी है, से जिन कंपनियो का मार्केट कैप Rs. 5,000 करोड़ से काम हो, ऐसी कंपनियो की साइज कफी छोटी होती है, इनमे से कुछ कंपनिया पैनी स्टॉक भी होती है, आमतौर पर शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनियो में से लगभग 80% कंपनिया स्मॉल कैप कंपनी होती है.

2 Mid Cap

मिड कैप कंपनी वह कंपनी कहलाती है, जिन कंपनियो का मार्केट कैप Rs. 5,000 करोड़ से Rs. 20,000 करोड़ के बीच होता है, आमतौर पर लार्ज कैप कंपनियों की तुलाना में मिड कैप कंपनियों में ज्यादा वोलैटिलिटी होती है, इसलिये इनमे निवेश करना जोखिम भरा माना जाता है.

पर मिड कैप कंपनी को नियर लीडर कंपनी भी कहा जाता है, और अगर कोई मिड कैप कंपनी लगातार ग्रोथ कर रही है, तो उसके लार्ज कैप कंपनी बनने के चांस बढ़ जाते हैं.

3 Large Cap

लार्ज कैप कंपनिया वह कंपनिया होती है जिन कंपनियो का मार्केट कैप Rs. 20,000 करोड़ से अधिक का होता है, ज्यादातर यह कंपनिया ब्लू चिप शेयर वाली कंपनिया होती है,

लार्ज कैप कंपनिया मंदी के समय भी स्थिर रहती है, क्यू की यह कंपनिया लगातार वृद्धि कर रही होती है, और मार्केट कैप हाई होने से स्टेबिलिटी के चांस बढ़ जाते है.

मार्केट कैपिटलाइजेशन क्यों महत्वपूर्ण है?

मार्केट कैपिटलाइजेशन के महात्वपूर्ण होने का मुख्य कारन यह है की मार्केट कैप से आप किसी भी कंपनी के वास्तविक आकार का पता लगा सकते हैं, जिससे इन्वेस्टर को उसी कंपनी के समतुल्य कंपनी से कंप्रेयर करने में आसानी होती है, और निवेशक दोनो कंपनियो की वृद्धि तथा जोखिम का अनुमान आसानी से लगा सकता है,

ज्यादातर लार्ज कैप कंपनी में लो रिस्क और लो प्रॉफिट की संभावना होती है, और स्मॉल कैप कंपनी में हाई रिस्क और हाई प्रॉफिट की संभावना रहती है.

निष्कर्ष:

आज हमने इस लेख में जाना कि मार्केट कैप क्या होता है और मार्केट कैप की गणना कैसे होती है, मुझे आशा है, कि इस पोस्ट से मार्केट कैप को समझने में सहायता मिली होगी | अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है, तो आप हमे कमेंट कर सकते है |

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